करीब एक महीने बाद दोबारा कैमरा उठाया। हर दिन कैमरा पकड़ते वक्त ऐसे लगता है, जैसे पहली बार हो। वही पहली बार का रोमांच। इस बार जगह इंदौर का मेघदूत गार्डेन था। यह खूबसूरत है। इसे प्राकृतिक रखने का पूरा प्रयास किया गया है। ज्यादा पंछी तो नहीं कैप्चर कर पाए, बस एक मयूर और फाख्ता वगैरह।
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