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समुद्र जहां सूर्य उग रहा था...
सब कुछ नहीं होने में बहुत कुछ होना बचा रहेगा
अबकी बार लौटा तो
हताहत नहीं
सबके हिताहित को सोचता
पूर्णतर लौटूंगा #कुंवर नारायण
व्यक्ति से बड़ी परछाईं जैसे वर्तमान से बड़ा इतिहास
भविष्य का स्वप्न
गई रात निशान छोड़ गई
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